Sanskritik Chhattisgarh

आज भी गुप्त है गुप्तेश्वर मंदिर का रहस्य

खिरकिया, गिरीराज माहेश्वरी। नगर से करीब 8 किमी दूर स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर मंदिर नगर, क्षैत्र, जिला व प्रदेश में प्रसिद्धी प्राप्त हैं। जानकारी के अनुसार स्वर्णकार समाज के भक्त को भगवान भोले ने साक्षात दर्शन देकर टीले के नीचे मंदिर दबे…

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Sanskritik Chhattisgarh

माता मावली के मंदिर की अनोखी परंपरा है

छत्तीसगढ़ के धमतरी से पांच किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पुरूर में स्थित आदि शक्ति माता मावली के मंदिर की अनोखी परंपरा है. यहां मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. मंदिर की मान्यता है कि माता के दर्शन मात्र से…

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तीजन बाई - एक प्रेरणा

तीजन बाई – एक प्रेरणा

तीजन बाई एक प्रेरणा है उन महिलाओं के लिए जो अपने सपने पूरे करना चाहती हैं। तीजन बाई आज एक नाम नहीं बल्कि पहचान हैं। देश विदेश में प्रसिद्धि हांसिल कर चुकी लोक गायिका ने पंडवानी लोक कला को विश्व…

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Trible Culture | Sanskritik Chhattisgarh

विदेशी सैलानी छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की संस्कृति को जानने व समझने में काफी रुची दिखा रहे हैं।

जगदलपुर। विदेशी सैलानी इन दिनों छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की संस्कृति को जानने व समझने में काफी रुची दिखा रहे हैं। लाखों-करोड़ों खर्च कर बड़े-बड़े लग्जरी रिसॉर्ट तैयार करने के बाद भी राज्य पर्यटन विभाग यहां कभी भी पर्यटकों को आकर्षित नहीं…

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Battisa Temple

बत्तीसा मंदिर एक एतिहासिक स्मारक

दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से 33 किलो मीटर दूर  बारसूर नगर में स्थित बत्तीसा मंदिर एक एतिहासिक स्मारक है l बत्तीसा मंदिर जगदलपुर से 100 किलो मीटर की दुरी पर है l यहाँ दो पूर्वमुखी मंदिर है जिनका एक साझा प्रांगण…

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