Sanskritik Chhattisgarh

राजीव लोचन मंदिर राजिम को पांच कोसी धाम भी कहा जाता है

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जिस प्रकार समुद्र के भीतर त्रिशूल की नोक पर कांशीपुर की रचना हुई है एवं समुद्र के ऊपर शंख पर द्वारिकापुरी की रचना हुई है | उसी रूप का पांच  कोष का लम्बा चौड़ा वर्गाकार सरोवर है | बीच में कमल का फूल है |फूल की पांच पंखुड़ी के ऊपर पांच स्वयंभू विराजमान है | जिसे पञ्च कोसी धाम के नाम से जाना जाता है |फूल के मध्य पोखर में पूरी राजिम नगरी निर्मित है | जंहा अतिप्राचीन देव शिल्पी विश्वकर्मा द्वारा निर्मित मंदिर है, जंहा प्रभु श्री राजीव लोचन विराजमान है, जो त्रिलोकीनाथ तीर्थ राज के नाम से जाने जाते है |



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